रुद्राक्ष का महत्व
रुद्राक्ष शब्द की उत्पति दो शब्दों रूद्र और अक्ष से हुई है। रूद्र तो साक्षात् भगवान शिव हैं। भगवान शिव के अनेक नामों में से एक नाम रूद्र भी है। और अक्ष का मतलव होता है अश्रु (आंसू ) होता है। अतः रुद्राक्ष को शिव का स्वरुप माना जाता है। कहा जाता है कि एक बार वर्षों की तपस्या तपस्या में लीन रहने के बाद जब भगवान शिव ने अपनी आंखें खोली तब उनकी आंखों से आंसू की कुछ बूँदें धरती पर गिरा। धरती पर जहां पर शिव के आंसू गिरे, वहां रुद्राक्ष का पेड़ उग गया।
साक्षात् शिव स्वरुप होने के कारण रुद्राक्ष का उपयोग मनुष्य प्राचीन काल से अपने धन, ऐश्वर्य , स्वास्थ्य, सुरक्षा ,शांति, यश, कृति और आध्यात्मिक लाभ के लिए करता आया है। नियम पूर्वक और पूरी श्रद्धा के साथ यदि रुद्राक्ष का धारण किया जाय तो निश्चय ही लाभ कारी सिद्ध होता है More...

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