नंदी ने शिव और पार्वती का मिलन कराया



कैलाश पर्वत पर भगवन महादेव अपनी अर्धांगनी पार्वती देवी को वेद की महात्म्य बता रहे थे जो बर्षों तक चलता रहा। इसी दौरान एक दिन पार्वती देवी की एकाग्रता कुछ छण के लिए टूट गयी। इस पर भगवन भोलेनाथ क्रोधित हो गए और क्रोध में उन्होने पार्वती से कहा – तुम मृत्युभुवन यानि पृथ्वी जाओ और मछुआरे के घर जन्म ले लो।
देवी पार्वती ने पूछा – हे त्रिभुवन नाथ मुझ से क्या गलती हो गयी। परन्तु महादेव कुछ नहीं बोले।
देवी पार्वती मृत्यु लोक के लिए प्रस्थान कर गई।
इधर भगवान भोले नाथ पार्वती के वियोग में निराश रहने लगे। भगवान का ये दुख उनके परम भक्त नंदी से देखा नहीं जा रहा था। ओ सोचने लगा कि क्या करूँ जो भगवान के प्रिय भार्या पार्वती कैलाश More...

Comments

Popular posts from this blog

Top 100 baby girl names on snatanbakh.com

Ram: Importance of Ram's Name

सोमवार का व्रत कथा और व्रत विधि