अत्याचारी भाई के कारण धधकती अग्नि में जल गयी होलिका – और शुरू हो गया होली का त्यौहार


प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक अत्याचारी राक्षस राजा था। जो भूलोक यानि पृथ्वी पर राज्य करता था। वह बहुत ही अहंकारी था।
वह अपने राज्य के लोगों को केवल अपनी पूजा करने की आज्ञा देता था। वह भगवान विष्णु को अपना शत्रु समझता था। अपितु वह भगवान विष्णु को पूजा करने वालों से सख्त नफ़रत करता था। लेकिन उनका अपना ही पुत्र प्रह्लाद बाल्यकाल में ही भगवान विष्णु का अनन्य भक्त बन गया और उसने अपने पिता की पूजा करने से इनकार कर दिया।
यह देख हिरणाकश्यप को बहुत क्रोध होता था। भगवान विष्णु से हिरणाकश्यप के नफरत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता कि उसने अपने ही पुत्र प्रह्लाद को विष्णु भक्ती के कारण कई बार मारने का प्रयास किया। परन्तु हर बार भक्त वत्सल भगवान विष्णु  more...

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